जब हम शेयर मार्केट  को देखते है तो हमें एक इन्वेस्टमेंट करने के बारे में समझ आता है | तभी हम देखते है जो भी स्टॉक मार्केट के ट्रांसक्शन होते है | वो सभी ब्रोकर के जरिए किये जाते है |

ये शेयर ब्रोकर का बिज़नेस हम कर सकते है क्या |  इसका जवाब है के हां आप बड़े ब्रोकर के पास सब ब्रोकर बन के काम कर सकते है |

स्टॉक मार्केट में सब ब्रोकर क्या होता है ?

सब-ब्रोकर वह व्यक्ति है जो स्टॉक एक्सचेंज का ट्रेडिंग मेंबर(ब्रोकर) नहीं है, लेकिन जो ट्रेडिंग मेंबर की ओर से एजेंट के रूप में काम करता है या ऐसे ट्रेडिंग मेंबर्स के जरिए सिक्योरिटीज में डील करने में निवेशकों की मदद करता है | 

सेबी रजिस्टर शेयर ब्रोकर अपने बिज़नेस को बढ़ाने के लिए अपने अंडर कुछ ब्रोकर / एजेंट नियुक्त करता है | उसे सब-ब्रोकर कहा जाता है |

सब-ब्रोकर को नए ग्राहक ढूढ़ के उनका dmat और ट्रेडिंग अकाउंट बनाना होता है | वो ग्राहक को जो सर्विस है वो मेन ब्रोकर आपके जरिये देता है | अपना काम कंपनी के एम्प्लॉई जैसे होता है लेकिन इसके लिए हमें सैलरी के बजाय जो हमने अपने ग्राहक के जरिये कमीशन हुआ है |

उसका कुछ हिस्सा हमें दिया जाता है |  ये हिस्सा हम जब सबब्रोकर बनते समय कंपनी और अपने बिच जो शेयरिंग रेश्यो तय किया गया होगा | उस हिसाब से दिया जाता है |

सब ब्रोकर बनने के लिए पात्रता निकष क्या है ?

हमें सेबी से रजिस्ट्रेशन कर के सब ब्रोकर का सर्टिफिकेट लेना पड़ता है | 

हम जब सब ब्रोकर बनने के लिए किसी ब्रोकिंग कंपनी से मिलते है | तो हमें सेबीने जो गाइड लाइन बनाई है | उस हिसाब से हम डॉक्यूमेंट तैयार कर के ब्रोकिंग कंपनी को दे के सेबी से रजिस्ट्रेशन करना होता है |

इसके लिए लगनेवाले डॉक्यूमेंट

  • एड्रेस प्रूफ – जिस नाम से लाइसेंस लेना है उसका |
  • मिनिमम क्वालिफिकेशन – HSC (१२ कक्षा पास ) इससे कम शिक्षा हो तो एक्सपीरियन्स सर्टिफिकेट (कैपिटल मार्केट का )
  • इससे साथ केवायसी डॉक्यूमेंट – (फोटो, पैन कार्ड, बैंक डिटेल्स इत्यादि ) आपको ये डॉक्यूमेंट आप जिस ब्रोकर के साथ काम करनेवाले उसके हिसाब से कम ज्यादा हो सकते है |
  • सेबी रजिस्ट्रेशन फी (उस समय जो होगी  १०००० के आसपास )
  • डिपाजिट  -ये कंपनी हमसे लेती है | हर कंपनी अलग अलग डिपाजिट लेती है | कमसे कम ५०,०००  
  • कमीशन – ५०-५० , ६०-४० , ७०-३०  ऐसे रेश्यो में तय होता है | ७०-३० रेश्यो तय होता है तो कमीशन का ७० प्रतिशत आपको मिलता है और बाकि बचा कंपनी का होता है |
  • सॉफ्टवेयर या बाकि फ़ीस – कंपनी के पॉलिसी के ऊपर तय होता है | कोई मंथली चार्जेस आपको देने है या नहीं ये आप पूछ कर ले |  

कोनसी ब्रोकिंग कंपनी का सब ब्रोकर बनना चाहिए  ?

मार्केट में जो रजिस्टर ब्रोकिंग कंपनी है वो सभी सब-ब्रोकर अपॉइंट कराती है | आपको ये समझ नहीं आता है किसके साथ जुड़ना अपने लिए अच्छा है| 

आप के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाला है | इसके लिए आपको अच्छी तरह से रिसर्च करनी होगी एक बार आप एक ब्रोकिंग कंपनी के साथ काम करना शुरू करते है |

उसके बाद उसे बदलना मुश्किल होता है | आप कभी भी पहला लाइसेंस कैंसिल कर के दूसरे कंपनी के साथ जुड़ सकते है | लेकिन प्रॉब्लम ये आती है के जो इन्वेस्टर के अकाउंट बनाके आप पुरानी कंपनी के साथ काम कर रहे है | उनको शिफ्ट करते वक्त बहुत तकलीफ होती है | 

 

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