यदि आपकी महत्वाकांक्षा, समर्पण है और आप उद्यमी बनना चाहते हैं, तो आप निश्चित रूप से आप जनरल इन्शुरन्स एजेंट बन सकते है |

जनरल इन्शुरन्स एजेंट बन के आप मेडिक्लेम इन्शुरन्स, मोटर इन्शुरन्स, पर्सनल एक्सीडेंट इन्शुरन्स , होम और शॉप इन्शुरन्स जैसे बहुत ही टाइप के इन्शुरन्स बेच सकते है | 

जनरल इन्शुरन्स में कितनी कंपनी है?

जनरल इन्शुरन्स में प्राइवेट और सरकारी मिलाके ३४ कंपनी काम कर रही है | इसमें से चार PSU कंपनी है और बाकी रही प्राइवेट कंपनी या बैंक के द्वारा संचालित कंपनी है | 

 

जनरल इन्शुरन्स के लिए योग्यता क्या होनी  चाहिए?

  1. न्यूनतम आयु:  आवेदन करने के समय आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए| 
  2. योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड / संस्थान से 10 वीं कक्षा में उत्तीर्ण या समकक्ष परीक्षा की न्यूनतम योग्यता।
  3. पैन कार्ड
  4. एड्रेस प्रूफ

 

जनरल इन्शुरन्स एजेंट को कितनी कमाई होती है ?

बीमा कंपनी द्वारा एजेंट को किसी भी तरह की तनख्वाह नहीं दी जाती है। असल में बीमा एजेंट जितना काम कर के पॉलिसी बेचता है उसके हिसाब से उसे उसका कमिशन मिलता है। 

यह पूरी तरह इंश्योरेंस एजेंट पर निर्भर करता है कि वह कितनी पॉलिसी बेचता है। जितनी ज्यादा पॉलिसी वह बेचेगा उतना अच्छा कमीशन उसको मिलेगा।

इसमें एक फायदा यह होता है कि एक बार पॉलिसी बेचने पर जब ग्राहक फिर से पॉलिसी रिन्यू करवाता है तो एजेंट को फिर से उसमें से कमीशन मिल जाता है।

 

जनरल इन्शुरन्स (बिमा) एजेंट  बनने के क्या फायदे है ?

  • इन्शुरन्स (बिमा) एजेंट बनने का महत्वपूर्ण फायदा ये हे की आप इनकम सोर्स को बढ़ा सकते है | 
  • आप को इसके लिए कुछ इन्वेस्टमेंट करने की जरुरी नहीं पड़ती |
  • आप इसे पार्ट टाइम जॉब की तरह कर सकते है |

 

जनरल इन्शुरन्स (बिमा) एजेंट बनने  की प्रोसेस 

आपने सोच लिया है के आपको बिमा प्रतिनिधि ही बनाना है | तो अब आगे देखते है के कैसे हम इन्शुरन्स एजेंट का लाइसेंस प्राप्त कर सकते है |

स्टेप १ – इन्शुरन्स कंपनी चुनना | 

सबसे पहले एक आईआरडीएआई द्वारा मान्यता प्राप्त जनरल इंश्योरेंस कंपनी चुने जिसकी पॉलिसी आप बेचना चाहते हैं।

कंपनी चुनने के आपको कंपनी के बारे पहले कुछ बाते जान लेना जरुरी है |

  • कंपनी के प्रोडक्ट्स कैसे है – उनके प्रीमियम और फीचर्स |
  • कुछ कंपनी का प्रीमियम  ज्यादा होता है वो स्पेसिफिक सेगमेंट के लिए काम करती है | उदाहरण, किसी को ७००० तक का मेडिक्लेम प्लान लेना है | और कंपनी का मिनिमम प्लान १०,००० हजार से शुरू होता है, इसमें आपको पॉलिसी बेचने में दिकत आ सकती है |
  • आपके इलाके लोग कोनसी कंपनी को प्रेफर करते है | कुछ लोगो को प्राइवेट कंपनी अच्छी लगती है और कुछ को बैंकिंग चैनल  कंपनी | 

आपके पॉलिसी लेने वाले लोगो की चॉइस समझ कर आप तय करे के कोनसी कंपनी के साथ जाना है | 

IRDA की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों की सूची |

स्टेप २ -चुनी हुई कंपनी के प्रतिनिधी से या ऑफिस से सम्पर्क | 

  • कंपनी की वेबसाइट पे जाके एजेंट रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर ले | और उनके रिप्लाई के हिसाब से काम करे | 
  • उस कंपनी के दफ्तर में जाएं और वहां पर मैनेजर से मिलकर यह बात करें कि आप कंपनी के बीमा एजेंट बनना चाहते। आपसे चर्चा कर के सेल्स मैनेजरआपको एजेंसी देनेवाले है या नहीं ये बतायेगे |

स्टेप ३ -डाक्यूमेंट्स और ट्रैनिंग | 

  • आपको रजिस्ट्रेशन के लिए डॉक्यूमेंट दे के फॉर्म भरना पड़ेगा | साथ ही जो एग्जाम फी है वो देनी होगी | 
  • अब आपको  कंपनी की तरफ से ट्रेनिंग दी जाएगी। या आपको ऑनलाइन ट्रेनिंग करने को कहा जायेगा | इस ट्रेनिंग में  इंश्योरेंस पॉलिसी क्या होती है, यह कितने प्रकार की होती है, जैसी बातें बताई जाएंगी।
  • इन्शुरन्स की एग्जाम की जो किताब मिलेगी उससे आपको एग्जाम के लिए खुद को प्रिपेअर कर लेना है और एग्जाम देनी है |
  • एग्जाम का समय आपको कंपनी बताएगी | और उसे पास करना है |
  • एग्जाम

स्टेप ४  -इन्शुरन्स एजेंट का लाइसेंस  | 

परीक्षा पास करने के बाद, बीमा कंपनी द्वारा आपको बीमा एजेंट  लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा। 

इसके लिए कंपनी का प्रतिनिधी आपको कंपनी के प्रोडक्ट्स के बारे में ट्रेनिंग देंगे |शुरुआती दौर में आप ज्यादा से ज्यादा ट्रेनिंग लेके प्रोडक्ट्स के बारे समझ ले | 

अब आप कंपनी की अलग अलग प्रकार की जो पॉलिसी है वो बेचने के लिए तैयार हो जायेगे।

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